




AAMIL ZAKAT
Collaboration Programme
मुअज़्ज़िज़
इमामों और इस्लामी इन्फ्लुएंसर्स के नाम,
अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाहि वबरकातुहु,
हम IMN की तरफ़ से आपको हमारे साथ जुड़ने और इस रमज़ान ज़कात इकट्ठा करने का एक नेक मौक़ा देना चाहते हैं, ताकि गाज़ा में हमारी मदद सीधे पहुंचे।
बात बिल्कुल आसान है:
- शरीअत के मुताबिक़, आमिल ज़कात (यानी ज़कात इकट्ठा करने वाला) ज़कात का 1/8 हिस्सा (12.5%) ले सकता है, यानी 100 रुपये पर 12.5 रुपये।
- अगर कोई आमिल ज़कात इससे ज़्यादा लेता है, तो ये गुनाह (नाजायज़) है।
IMN की 100% ज़कात पॉलिसी:
- आप अपना 12.5% हिस्सा नहीं लेंगे ,और उसे छोड़ने का सवाब कमाएंगे , और पूरी
ज़कात 100% हम तक पहुंचाएंगे। - आपके इकट्ठा किए गए ज़कात का पूरा पैसा बिना किसी कटौती के गाज़ा के मक़सद तक पहुंचाया जाएगा।
लेकिन हम आपका साथ कैसे देंगे?
- IMN आपके इकट्ठा किए गए कुल फंड का 20% आपको देगा, लेकिन ये पैसा ज़कात से नहीं बल्कि हमारे हलाल इन्वेस्टमेंट फंड से आएगा।
- IMN का हलाल इन्वेस्टमेंट फंड हमारी किराए की प्रॉपर्टीज़ और इन्वेस्टमेंट्स से आता है, जो पूरी तरह हलाल और ज़कात से अलग है।
हमारा मक़सद:
हम इस्लामी इन्फ्लुएंसर्स और इमामों को मज़बूत करना चाहते हैं और ज़कात इकट्ठा करने का एक बेहतरीन निज़ाम बनाना चाहते हैं, जो शरीअत के मुताबिक़ हो और उम्मत को फ़ायदा पहुंचाए।
आईए, इस नेक काम में हमारा साथ दीजिए। कोई भी सवाल हो तो बेझिझक हमें मेसेज करें।
जज़ाकुम अल्लाहु ख़ैर।
Indian Muslim Network
“आमिल ज़कात की हैसियत इस्लामी उम्मत में दिल की तरह है , जिस तरह दिल पूरे जिस्म में ख़ून पहुंचाकर हर हिस्से को ज़िंदा रखता है , इसी तरह आमिल ज़क़ात, उम्मत के ज़रूरी तबकों तक ज़कात पहुंचाते हैं और ज़कात का निज़ाम क़ायम रखते हैं । आमिल ज़कात की ज़िम्मेदारी आगे ले कर लेना चाहिए।”
अल्लामा शेख़ यूसुफ़ अल कर्ज़ावी
“फ़िक़ अल ज़कात”
Affiliate Link System – आसान तरीक़ा
हम आपको एक यूनिक डोनेशन लिंक देंगे।
इस लिंक के ज़रिए जितनी रक़म डोनेट होगी, उसका 20% आपको IMN हलाल इन्वेस्टमेंट फंड से दिया जाएगा।
हम आपकी मदद करेंगे और आपको सोशल मीडिया पोस्ट्स व वीडियो दिए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल आप WhatsApp, Instagram पर कर सकते हैं ताकि ज़्यादा से ज़्यादा मुसलमान IMN के कैंपेन से जुड़ें।
📌 IMN को दारुल इफ्ता अल-फ़लस्तीनीय्या की तस्दीक़ हासिल है और ये भारत की पहली और अकेली तंज़ीम है जिसे ये मंज़ूरी मिली है। जिसके फतवे की कॉपी भी आपको दी जाएगी।
📌 डोनर को ऑटोमेटिक व्हाट्सएप पर रसीद भेजी जाएगी।
📌 ट्रांसपेरेंट खर्चे और ऑडिट रिपोर्ट्स की PDF डोनर्स को भेजी जाएँगी, ताकि वो ख़ुद देख सकें कि गाज़ा में उनके डोनेशन का क्या असर हो रहा है।
“Seperated”
We are nothing
“Together”
We can make change as Ummah